कार्ड 08 / 24

सत्यनारायण

भगवान विष्णु
हर पूर्णिमा — नई शुरुआत व गृह-प्रवेश पर भी

अगला सत्यनारायण कब है

कथा

सत्यनारायण कथा में हर पात्र वही भोगता है जो उसने वचन दिया और तोड़ा। कथा कहती है — सत्य ही नारायण है। इसीलिए यह पूजा किसी माँग से नहीं, वचन निभाने के संकल्प से की जाती है।

कथा ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

मंत्र · 108 बार

ॐ नमो नारायणाय

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आरती: जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा — मध्यम लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

पूजा विधि

पूजा सामग्री

कथा पुस्तककेले के पत्तेपंचामृततुलसी-दलपंजीरी/चूरमाकेला व पंचमेवापीले फूलदीप व धूप

व्रत में आहार

खाएं
  • फलाहार
  • पंजीरी प्रसाद
  • दूध व मेवा
  • केला
न खाएं
  • अन्न (पूजा तक)
  • लहसुन-प्याज़
  • मांस-मदिरा
  • तला-भुना

पारण: चंद्र-अर्घ्य के बाद प्रसाद लेकर पारण करें। प्रसाद कम से कम पाँच घरों में बाँटें।

दादी की सलाह

पंजीरी में सूजी को धीमी आँच पर घी में भूनो जब तक सोंधी महक न आए। जल्दबाज़ी का प्रसाद कच्चा रह जाता है।

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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।