शीतला माता शीतलता की देवी हैं — ज्वर और फोड़े-फुंसी से रक्षा करने वाली। इस दिन चूल्हा नहीं जलता; एक दिन पहले बना ठंडा भोजन ही माता को चढ़ता है और घर में खाया जाता है।
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ॐ ह्रीं शीतलायै नमः
आरती: जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता — मध्यम लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।
पारण: पूजा के बाद वही ठंडा भोजन परिवार सहित लें। भोजन से दुर्गंध आ रही हो तो न खाएँ।
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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।