कार्ड 16 / 24

अहोई अष्टमी

अहोई माता
कार्तिक कृष्ण अष्टमी — दीपावली से लगभग आठ दिन पूर्व

अगला अहोई अष्टमी कब है

कथा

एक माता से खुदाई करते समय अनजाने में स्याहू के बच्चे की हानि हो गई। पश्चाताप में उसने अहोई माता का व्रत रखा और उसकी संतान सुरक्षित रही। यह व्रत संतान की लंबी आयु का व्रत है।

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मंत्र · 108 बार

ॐ अहोई माता नमः

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आरती: जय अहोई माता, मैया जय अहोई माता — मध्यम लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

पूजा विधि

पूजा सामग्री

अहोई माता का चित्रचाँदी की अहोईकलश व जलदूध-भातसिंघाड़े व फलरोली-अक्षतदीपककरवा

व्रत में आहार

खाएं
  • तारा-दर्शन बाद भोजन
  • दूध-भात
  • सिंघाड़े
  • फल
न खाएं
  • दिनभर जल व अन्न
  • लहसुन-प्याज़
  • मांस-मदिरा
  • मिट्टी खोदना

पारण: तारों को अर्घ्य देने के बाद पारण करें। पहले गुनगुना जल, फिर हल्का भोजन।

आँवला बाबू की सलाह

तारे देखने तक रुकना है, तो दोपहर में थोड़ा आराम कर लो। और व्रत खोलने के बाद पहले गुनगुना पानी लो, सीधे भारी भोजन नहीं।

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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।