पार्वती ने शिव को पति रूप में पाने के लिए घोर तप किया। सखियाँ उन्हें हर ले गईं और वन में रेत का शिवलिंग बनाकर उन्होंने पूजा की — इसी 'हरत' और 'आलिका' से नाम बना हरतालिका।
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ॐ गौरी शंकराय नमः
आरती: जय पार्वती माता, मैया जय पार्वती माता — मध्यम लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।
पारण: अगली प्रातः पूजा पूरी कर पारण करें। अस्वस्थ या गर्भवती हों तो फल-जल की छूट है।
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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।