छठ में सूर्य को अस्त होते समय पहले अर्घ्य दिया जाता है, उगते समय बाद में। ढलते सूरज को नमन करने वाला यह अकेला पर्व है — जो जा रहा है, उसका भी धन्यवाद।
कथा ऑडियो शीघ्र आ रहा है।
ॐ सूर्याय नमः
आरती: कांच ही बांस के बहंगिया — धीमी, पारंपरिक लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।
पारण: सप्तमी प्रातः अर्घ्य के बाद प्रसाद व जल लेकर पारण करें। यह कठिन व्रत है — स्वास्थ्य देखकर रखें।
लिंक जुड़ने तक ये बटन काम नहीं करेंगे — पूरा सेट bhojanveda.com पर भी देखा जा सकता है।
यह पृष्ठ भोजनवेद के व्रत कार्ड सेट का हिस्सा है ·
bhojanveda.com
क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।