कार्ड 23 / 24

छठ

सूर्य देव व छठी मैया
कार्तिक शुक्ल षष्ठी — चार दिन का पर्व

अगला छठ कब है

कथा

छठ में सूर्य को अस्त होते समय पहले अर्घ्य दिया जाता है, उगते समय बाद में। ढलते सूरज को नमन करने वाला यह अकेला पर्व है — जो जा रहा है, उसका भी धन्यवाद।

कथा ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

मंत्र · 108 बार

ॐ सूर्याय नमः

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आरती: कांच ही बांस के बहंगिया — धीमी, पारंपरिक लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

पूजा विधि

पूजा सामग्री

बाँस का सूप व डालाठेकुआगन्नानारियलमौसमी फलसिंदूरदीपजल-कलश

व्रत में आहार

खाएं
  • ठेकुआ
  • गुड़ की खीर
  • कद्दू-भात
  • मौसमी फल
न खाएं
  • 36 घंटे जल व अन्न
  • नमक (प्रसाद में)
  • लहसुन-प्याज़
  • मांस-मदिरा

पारण: सप्तमी प्रातः अर्घ्य के बाद प्रसाद व जल लेकर पारण करें। यह कठिन व्रत है — स्वास्थ्य देखकर रखें।

जौ जी की सलाह

ठेकुआ गुड़ और आटे का ही बनाओ, चीनी का नहीं। और छत्तीस घंटे निर्जला है — खरना की खीर भरपेट खाओ, वही पूरे व्रत का बल है।

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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।