पार्वती ने उबटन से एक बालक बनाया और द्वार पर बिठाया। शिव से हुए संघर्ष में उसका सिर गया, फिर गज का सिर लगा और वही प्रथम पूज्य हुए — हर शुभ काम गणेश के नाम से आरंभ होता है।
कथा ऑडियो शीघ्र आ रहा है।
ॐ गं गणपतये नमः
आरती: सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची — तेज़, उत्साही लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।
पारण: चतुर्थी को मध्याह्न पूजा के बाद सात्विक भोजन लें।
लिंक जुड़ने तक ये बटन काम नहीं करेंगे — पूरा सेट bhojanveda.com पर भी देखा जा सकता है।
यह पृष्ठ भोजनवेद के व्रत कार्ड सेट का हिस्सा है ·
bhojanveda.com
क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।