चैत्र शुक्ल नवमी की दोपहर अयोध्या में राम का जन्म हुआ। यह नवरात्रि का ही नौवाँ दिन है — नौ रातों की शक्ति-साधना उसी दोपहर मर्यादा के जन्म पर पूरी होती है।
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ॐ श्री रामाय नमः
आरती: श्री राम चंद्र कृपालु भजु मन — मध्यम लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।
पारण: मध्याह्न पूजा व आरती के बाद प्रसाद लेकर पारण करें।
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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।