कार्ड 21 / 24

राम नवमी

भगवान श्रीराम
चैत्र शुक्ल नवमी — मध्याह्न में जन्म

अगला राम नवमी कब है

कथा

चैत्र शुक्ल नवमी की दोपहर अयोध्या में राम का जन्म हुआ। यह नवरात्रि का ही नौवाँ दिन है — नौ रातों की शक्ति-साधना उसी दोपहर मर्यादा के जन्म पर पूरी होती है।

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मंत्र · 108 बार

ॐ श्री रामाय नमः

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आरती: श्री राम चंद्र कृपालु भजु मन — मध्यम लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

पूजा विधि

पूजा सामग्री

राम दरबार का चित्रपंचामृततुलसी-दलपीले फूलधनिया पंजीरीफल व मेवादीप व धूपचंदन

व्रत में आहार

खाएं
  • फल व फलाहार
  • धनिया पंजीरी
  • दूध व मेवा
  • सेंधा नमक
न खाएं
  • अन्न (पूजा तक)
  • लहसुन-प्याज़
  • साधारण नमक
  • मांस-मदिरा

पारण: मध्याह्न पूजा व आरती के बाद प्रसाद लेकर पारण करें।

तुलसी रानी की सलाह

पंचामृत में तुलसी डालने के बाद उसे ज़्यादा देर मत रखो। और धनिया-पंजीरी का प्रसाद बनाओ — चैत्र में यही सबसे हल्का है।

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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।