कार्ड 05 / 24

बृहस्पतिवार

बृहस्पति देव व विष्णु
हर गुरुवार — 16 गुरुवार तक रखने की परंपरा

अगला बृहस्पतिवार कब है

कथा

देवताओं के गुरु बृहस्पति ज्ञान, धन और संतान के कारक हैं। जिस घर में गुरुवार को पीले वस्त्र, केले के वृक्ष और दान का मान रहा, वहाँ विद्या और समृद्धि दोनों ठहरीं।

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मंत्र · 108 बार

ॐ बृं बृहस्पतये नमः

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आरती: ॐ जय बृहस्पति देवा — मध्यम लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

पूजा विधि

पूजा सामग्री

पीले फूलहल्दीचने की दालगुड़केलापीला वस्त्रदीप व धूपपीला चंदन

व्रत में आहार

खाएं
  • पीला भोजन
  • केला
  • चने की दाल
  • दूध व मेवा
न खाएं
  • चावल
  • नमक (परंपरानुसार)
  • लहसुन-प्याज़
  • मांस-मदिरा

पारण: संध्या कथा के बाद पीला भोजन एक बार लें। इस दिन चावल वर्जित माने जाते हैं।

आँवला बाबू की सलाह

केले के पेड़ पर जल चढ़ाओ, पर पत्ता मत तोड़ो — गुरुवार को केला काटना वर्जित है। और चने की दाल में हल्दी ज़रूर डालो।

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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।