देवताओं के गुरु बृहस्पति ज्ञान, धन और संतान के कारक हैं। जिस घर में गुरुवार को पीले वस्त्र, केले के वृक्ष और दान का मान रहा, वहाँ विद्या और समृद्धि दोनों ठहरीं।
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ॐ बृं बृहस्पतये नमः
आरती: ॐ जय बृहस्पति देवा — मध्यम लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।
पारण: संध्या कथा के बाद पीला भोजन एक बार लें। इस दिन चावल वर्जित माने जाते हैं।
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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।