कार्ड 06 / 24

शुक्रवार व्रत

संतोषी माता
हर शुक्रवार — 16 शुक्रवार तक, फिर उद्यापन

अगला शुक्रवार व्रत कब है

कथा

संतोषी माता संतोष की देवी हैं — गणेश जी की पुत्री। जिस स्त्री ने सोलह शुक्रवार खट्टा त्यागकर व्रत रखा, उसका बिछड़ा परिवार लौट आया। यह व्रत माँगने का नहीं, सब्र का है।

कथा ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

मंत्र · 108 बार

ॐ श्री संतोषी महामाया नमः

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आरती: जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता — मध्यम लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

पूजा विधि

पूजा सामग्री

गुड़भुने चनेकलश व नारियललाल चुनरीपीले फूलकेलादीप व धूपअक्षत

व्रत में आहार

खाएं
  • गुड़-चना
  • फल
  • दूध
  • खीर
न खाएं
  • खटाई — नींबू, इमली
  • दही व छाछ
  • लहसुन-प्याज़
  • मांस-मदिरा

पारण: कथा व आरती के बाद एक समय भोजन। पारण के दिन भी खटाई न लें।

मूंग मौसी की सलाह

इस व्रत में खटाई सबके लिए मना है — घर में कोई भी नींबू, इमली या दही न ले। गुड़-चना का प्रसाद सबको बाँटो।

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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।