कार्ड 19 / 24

जन्माष्टमी

श्रीकृष्ण
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी — मध्यरात्रि जन्मोत्सव

अगला जन्माष्टमी कब है

कथा

मथुरा के कारागार में आधी रात को कृष्ण का जन्म हुआ, पहरे सो गए और बेड़ियाँ खुल गईं। वसुदेव उन्हें यमुना पार गोकुल ले गए। इसीलिए यह उत्सव ठीक बारह बजे मनाया जाता है।

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मंत्र · 108 बार

ॐ क्लीं कृष्णाय नमः

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आरती: आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की — तेज़, उत्साही लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

पूजा विधि

पूजा सामग्री

लड्डू गोपालझूला/पालनामाखन-मिश्रीधनिया पंजीरीतुलसी-दलपंचामृतनए वस्त्रमोरपंख व बाँसुरी

व्रत में आहार

खाएं
  • फल व फलाहार
  • माखन-मिश्री
  • धनिया पंजीरी
  • दूध व मेवा
न खाएं
  • अन्न (जन्म तक)
  • लहसुन-प्याज़
  • साधारण नमक
  • मांस-मदिरा

पारण: मध्यरात्रि जन्म व आरती के बाद प्रसाद लेकर पारण करें — पहले पंजीरी, फिर भोजन।

तुलसी रानी की सलाह

पंजीरी में धनिया पाउडर भूनकर मिलाओ — यही असली जन्माष्टमी प्रसाद है, और भादों की सीलन में पचने में हल्का भी।

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