कार्ड 15 / 24

करवा चौथ

करवा माता व गौरी-गणेश
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी — चंद्रोदय तक निर्जला व्रत

अगला करवा चौथ कब है

कथा

वीरावती ने भाइयों के छल से चंद्रोदय से पहले व्रत तोड़ दिया और पति को खो बैठा। फिर उसने पूरे वर्ष तप कर व्रत दोहराया और पति को वापस पाया। कथा कहती है — नियम पूरा निभाओ, आधा नहीं।

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मंत्र · 108 बार

ॐ शिवायै नमः

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आरती: ॐ जय करवा मैया — मध्यम लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

पूजा विधि

पूजा सामग्री

मिट्टी का करवाछलनीसुहाग सामग्रीमेहंदी व चूड़ीसरगी (मेवा-मिठाई)दीपकलाल चुनरीजल-कलश

व्रत में आहार

खाएं
  • सरगी — मेवा, फल
  • नारियल पानी
  • दूध
  • फेनी
न खाएं
  • दिनभर जल व अन्न
  • लहसुन-प्याज़
  • मांस-मदिरा
  • तला-भुना (सरगी में)

पारण: चंद्र-अर्घ्य के बाद पति के हाथ से जल लेकर पारण करें। अस्वस्थ हों तो जल-फल की छूट है।

दादी की सलाह

सरगी में तला-भुना मत रखो। सूखे मेवे, नारियल पानी और एक फल — दिनभर प्यास कम लगेगी। मीठा ज़्यादा खाओगे तो दोपहर में गला सूखेगा।

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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।