कार्ड 12 / 24

महाशिवरात्रि

भगवान शिव
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी — वर्ष की सबसे बड़ी शिवरात्रि

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कथा

इसी रात्रि शिव और शक्ति का मिलन हुआ, और इसी रात समुद्र-मंथन का विष शिव ने कंठ में रोका। देवताओं ने रातभर जागकर उनकी स्तुति की — तभी से यह रात जागरण की रात है।

कथा ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

मंत्र · 108 बार

ॐ नमः शिवाय

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आरती: ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा — धीमी, गंभीर लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

पूजा विधि

पूजा सामग्री

बेलपत्रकच्चा दूधदही, घी, शहदधतूरा व भाँगभस्म व चंदनसफेद फूलगंगाजलदीप व धूप

व्रत में आहार

खाएं
  • फल व दूध
  • साबूदाना
  • सिंघाड़ा आटा
  • सेंधा नमक
न खाएं
  • अन्न, दाल, चावल
  • लहसुन-प्याज़
  • साधारण नमक
  • मांस-मदिरा

पारण: चतुर्दशी बीतने पर अगली प्रातः स्नान कर पारण करें। पहले जल, फिर फल, फिर अन्न।

अदरक भैया की सलाह

रातभर जागना है तो अदरक-तुलसी की चाय पास रखो, चाय-कॉफ़ी की जगह। और व्रत में साबूदाना है तो नारियल-मूँगफली ज़रूर डालो, वरना कमज़ोरी लगेगी।

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