राम ने रावण-वध से पहले इन्हीं नौ रातों में देवी की आराधना की थी। दसवें दिन विजय मिली — इसीलिए वह विजयादशमी कहलाई। शारदीय नवरात्रि शक्ति-संचय की नौ रातें हैं।
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ॐ दुं दुर्गायै नमः
आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी — मध्यम लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।
पारण: नवमी के कन्या पूजन व हवन के बाद पारण करें। पहले कन्याओं को भोजन, फिर स्वयं।
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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।