कार्ड 14 / 24

शारदीय नवरात्रि

माँ दुर्गा
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी — दशहरे से पहले

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कथा

राम ने रावण-वध से पहले इन्हीं नौ रातों में देवी की आराधना की थी। दसवें दिन विजय मिली — इसीलिए वह विजयादशमी कहलाई। शारदीय नवरात्रि शक्ति-संचय की नौ रातें हैं।

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मंत्र · 108 बार

ॐ दुं दुर्गायै नमः

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आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी — मध्यम लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

पूजा विधि

पूजा सामग्री

मिट्टी का कलशजौ व मिट्टीनारियललाल चुनरीशृंगार सामग्रीअखंड दीपफल-फूलहवन सामग्री

व्रत में आहार

खाएं
  • फल व फलाहार
  • समा के चावल
  • दूध, दही, मेवा
  • सेंधा नमक
न खाएं
  • अन्न, गेहूँ, दाल
  • लहसुन-प्याज़
  • साधारण नमक
  • मांस-मदिरा

पारण: नवमी के कन्या पूजन व हवन के बाद पारण करें। पहले कन्याओं को भोजन, फिर स्वयं।

जौ जी की सलाह

नवरात्रि का व्रत खाना भारी मत बनाओ। कुट्टू की पूरी रोज़ मत तलो — एक दिन समा के चावल, एक दिन फल, शरीर हल्का रहेगा।

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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।