शिव-पार्वती के संवाद से सोलह सोमवार व्रत का विधान आया। एक निर्धन ब्राह्मण ने यह व्रत किया और उसका घर भर गया। सोमवार चंद्रमा का दिन है, और चंद्रमा शिव के मस्तक पर विराजते हैं।
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ॐ नमः शिवाय
आरती: ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा — धीमी, गंभीर लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।
पारण: संध्या पूजा के बाद एक समय सात्विक भोजन लें। नमक कम रखें।
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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।