शुक्ल पक्ष की चतुर्थी विनायक की तिथि है। संकष्टी संकट हरती है, विनायक नया काम बनाती है — इसीलिए इस दिन की पूजा दोपहर में, दिन के सबसे बलवान पहर में होती है।
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ॐ गं गणपतये नमः
आरती: जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा — मध्यम लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।
पारण: मध्याह्न पूजा व आरती के बाद सात्विक भोजन लें — पूरे दिन का उपवास आवश्यक नहीं।
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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।