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विनायक चतुर्थी

गणेश जी
हर मास शुक्ल पक्ष की चतुर्थी — मध्याह्न पूजा

अगला विनायक चतुर्थी कब है

कथा

शुक्ल पक्ष की चतुर्थी विनायक की तिथि है। संकष्टी संकट हरती है, विनायक नया काम बनाती है — इसीलिए इस दिन की पूजा दोपहर में, दिन के सबसे बलवान पहर में होती है।

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मंत्र · 108 बार

ॐ गं गणपतये नमः

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आरती: जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा — मध्यम लय. ऑडियो शीघ्र आ रहा है।

पूजा विधि

पूजा सामग्री

दूर्वा-दलमोदक/लड्डूसिंदूरलाल फूलअक्षतनारियलदीप व धूपजल-कलश

व्रत में आहार

खाएं
  • फल व फलाहार
  • मोदक प्रसाद
  • दूध
  • मेवा
न खाएं
  • अन्न (पूजा तक)
  • लहसुन-प्याज़
  • मांस-मदिरा
  • चंद्र-दर्शन

पारण: मध्याह्न पूजा व आरती के बाद सात्विक भोजन लें — पूरे दिन का उपवास आवश्यक नहीं।

मूंग मौसी की सलाह

मोदक का चावल आटा गरम पानी से गूँथो, तभी परत नहीं फटती। भोग के बाद पहला मोदक किसी बच्चे को देना।

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क्षेत्र व परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है। तिथि की पुष्टि अपने पंचांग से करें।