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श्रवण-क्षय

श्रवण-क्षय — ऊँचा सुनना, बात दोहराने को कहना।

अन्य नाम: hearing loss · कम सुनाई देना · बहरापन · badhirya · बाधिर्य

घरेलू उपाय

मुख्य उपाय
सप्ताह में एक बार कानों में तिल के तेल की मालिश। घी गर्म दूध के साथ भीतरी कान के कार्य को सँभालता है।
तिल का तेलघीब्राह्मीदूध
तिल का तेल · Sesame oil
गुनगुना तिल का तेल प्रभावित अंग पर हथेली से मालिश करें, बीस मिनट रखकर गर्म पानी से स्नान करें।
परंपरागत
घी · Ghee
1 चम्मच गर्म गाय का घी खाली पेट या रात को गर्म दूध में मिलाकर लें — यह अन्य औषधियों को धातुओं तक पहुँचाता है।
परंपरागत
ब्राह्मी · Brahmi
आधा चम्मच ब्राह्मी चूर्ण रात को गर्म दूध या शहद के साथ; या सुबह 4-5 ताज़ी पत्तियाँ चबाएँ।
परंपरागत
सावधानीथायरॉइड की दवा और नींद की दवा के साथ सावधानी — दोनों का असर बदल सकता है।
दूध · Milk
सोने से पहले एक कप गर्म गाय का दूध उबालकर धीरे-धीरे पिएँ — नमक या खट्टी चीज़ के साथ न लें।
परंपरागत
इस पन्ने पर
प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।

प्राकृतिक चिकित्सा

नित्य भ्रामरी; रात्रि में बाहरी कान में गुनगुना तेल।
तेज़ ध्वनि से रक्षा; कान में कुछ न डालें।

क्या खाएँ

तिल का तेल · Sesame oilघी · Gheeब्राह्मी · Brahmiदूध · Milk

अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।

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इन्हें भी देखें

🧪 श्रवण-क्षय की होम्योपैथिक दवाChininum Sulph 30 — नाम, शक्ति व कब लें →