व्यायाम व हरकत
जोड़ों, साँस और पेड़ू के लिए वे व्यायाम जो घर पर, बिना किसी सामान के किए जा सकते हैं।
जोड़ व माँसपेशियाँ
घुटने के व्यायाम
घुटने का दर्द अक्सर जोड़ का नहीं, उसे सँभालने वाली जाँघ की कमज़ोरी का होता है।
गर्दन के व्यायाम
फ़ोन और लैपटॉप पर झुकी गर्दन — सिर आगे जाते ही उसका बोझ कई गुना हो जाता है।
कंधे के व्यायाम
जमा हुआ कंधा महीनों चलता है — पर रोज़ की हल्की हरकत उसे लौटने में मदद करती है।
कमर व साइटिका के व्यायाम
गृध्रसी — कमर से कूल्हे और टाँग तक उतरता दर्द।
एड़ी के दर्द के व्यायाम
सुबह का पहला क़दम सबसे दर्द भरा — यही प्लांटर फ़ेशिया के दर्द की पहचान है।
कलाई व हाथ के व्यायाम
टाइपिंग, फ़ोन और रसोई का काम — कलाई की नस दबे तो रात में उँगलियाँ सुन्न होती हैं।
कोहनी के व्यायाम
टेनिस एल्बो — पकड़ने, उठाने और दरवाज़ा खोलने पर बाहरी कोहनी में दर्द।
जबड़े के व्यायाम
जबड़े का जोड़ (TMJ) — चबाने, जम्हाई लेने और मुँह खोलने पर दर्द या कट-कट।
कूल्हे के व्यायाम
दिन भर बैठने से कूल्हे के आगे की मांसपेशी छोटी और पीछे की कमज़ोर हो जाती है।
पूँछ की हड्डी का दर्द
बैठने पर, ख़ासकर सख़्त कुर्सी और उठते समय — रीढ़ के आख़िरी सिरे का दर्द।
टख़ने के व्यायाम
बार-बार मुड़ जाने वाला टख़ना — मोच के बाद संतुलन लौटाना ज़रूरी है।
सुबह व सर्दी की जकड़न
बिस्तर से उतरने से पहले, रजाई के भीतर ही शुरू होने वाला क्रम।
ऐंठन के लिए खिंचाव
रात की पिंडली की ऐंठन — दौरे के समय क्या करें, और उसे लौटने से कैसे रोकें।
बेचैन टाँगों के लिए
शाम को टाँगें हिलाने की मजबूरी — जो हिलाने से घटती है और रुकने पर लौट आती है।
साँस
साँस के व्यायाम
साँस फूलने पर घबराहट साँस को और तेज़ करती है — ये तरीक़े उस चक्र को तोड़ते हैं।
टाँगों का ख़ून-प्रवाह
खड़े रहने वाले काम के लिए
दुकान, रसोई, कारख़ाना — दिन भर खड़े रहने से टाँगें भारी और टख़ने सूजे।
हड्डियाँ व संतुलन
हड्डियों के लिए वज़न वाले व्यायाम
हड्डी उसी दबाव से मज़बूत होती है जो उस पर पड़ता है — तैरना अच्छा है, पर हड्डी के लिए नहीं।
पेड़ू
प्रसव के बाद पेड़ू के व्यायाम
पेट और पेड़ू को वापस जोड़ने का धीमा, क्रम से चलने वाला काम।