शाम को टाँगें हिलाने की मजबूरी — जो हिलाने से घटती है और रुकने पर लौट आती है।
कैसे करेंबेचैन टाँगें अक्सर ख़ून में लोहे की कमी से जुड़ी होती हैं। व्यायाम राहत देता है, पर एक बार लोहे की जाँच ज़रूर करवाएँ — कमी मिलने पर उसका इलाज सबसे ज़्यादा फ़र्क़ करता है।
ये हों तो व्यायाम नहीं, डॉक्टर
नींद लगातार टूटे और दिन भर थकान रहे
टाँगों में सुन्नपन या कमज़ोरी भी हो
गर्भावस्था में लक्षण शुरू या बहुत बढ़ जाएँ
दवा शुरू करने के बाद लक्षण बढ़ें
सोने से पहले पिंडली का खिंचाव
Calf stretch before bed
दीवार पर हाथ रखें, एक पैर पीछे, एड़ी ज़मीन पर।
अगला घुटना मोड़ें।
30 सेकंड, हर तरफ़।
सोने से ठीक पहले।
कहाँ महसूस हो: पिंडली का लंबा, आरामदायक खिंचाव।
हर तरफ़ 2 बार, रोज़ रात
दीवार पर टाँगें
Legs up the wall
दीवार के पास करवट लेकर लेटें, फिर घूमकर टाँगें दीवार पर चढ़ा दें।
कूल्हे दीवार के पास, टाँगें ऊपर सीधी।
बाँहें बग़ल में ढीली।
5–10 मिनट, धीरे साँस लेते हुए।
कहाँ महसूस हो: टाँगों में भारीपन घटता हुआ, शांत होता हुआ।
रोज़ शाम, 5–10 मिनट
टख़ना ऊपर-नीचे
Ankle pumps
बिस्तर में लेटकर करें।
पंजे अपनी ओर, फिर दूर।
धीरे और पूरी हद तक।
जब हिलाने की इच्छा उठे, यह सबसे कम दख़ल वाला तरीक़ा है।
कहाँ महसूस हो: टाँगों में हरकत, बिना उठे।
20 बार, ज़रूरत पर
शाम की चहलक़दमी
An evening walk
शाम को 15–20 मिनट आराम से चलें।
सोने से दो घंटे पहले तक।
बहुत ज़ोरदार व्यायाम देर रात न करें — उससे लक्षण बढ़ते हैं।
रोज़ एक ही समय पर।
कहाँ महसूस हो: टाँगों का शांत होना, न कि थक जाना।
रोज़
साथ में
चाय, कॉफ़ी और शराब शाम को छोड़कर देखें — कई लोगों में यही सबसे बड़ा फ़र्क़ लाता है। लोहे की जाँच के साथ यह दो हफ़्ते आज़माने लायक़ है।