एक चम्मच काले तिल हल्का भूनकर चबाएँ, या गुड़ के साथ पीसकर छोटा लड्डू बनाकर रोज़ एक लें।
परंपरागत
यहाँ से शुरू करें
कद्दू के बीज · Pumpkin seeds
एक चम्मच कच्चे कद्दू के बीज खाली पेट अच्छी तरह चबाएँ।
परंपरागत
घी · Ghee
1 चम्मच गर्म गाय का घी खाली पेट या रात को गर्म दूध में मिलाकर लें — यह अन्य औषधियों को धातुओं तक पहुँचाता है।
परंपरागत
हल्दी · Turmeric
आधा चम्मच हल्दी एक कप गर्म दूध या गर्म पानी में, दिन में एक-दो बार। साथ में चुटकी काली मिर्च लेने से अवशोषण बढ़ता है।
परंपरागत
सावधानीरसोई में डाली जाने वाली मात्रा सुरक्षित है। गोली या सत्व के रूप में ज़्यादा मात्रा ख़ून पतला करने वाली दवाओं के साथ नहीं। पित्ताशय में पथरी हो तो ज़्यादा मात्रा से बचें। सर्जरी से पहले बंद करें।
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
दिन में दो बार दस मिनट ठंडा कटि-स्नान; अश्विनी मुद्रा व वज्रासन।
देर तक बैठना व साइकिल कम करें; मूत्राशय पूर्णतः खाली करें।
शास्त्रीय औषधि
गोक्षुरादि गुग्गुलु · Gokshuradi Guggulu
मात्रा: 2–4 tablets (500 mg) · Warm water or milk
मूत्रकृच्छ्र, मूत्राश्मरी, प्रोस्टेट वृद्धि, मूत्राशय दुर्बलता, गुर्दे से कटि-शूल।