आधा से एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण रात को गर्म दूध में, छह से आठ सप्ताह नियम से लें।
प्रमाणित
तनाव और चिंता में अश्वगंधा पर कई नियंत्रित अध्ययन हुए हैं।
सावधानीथायरॉइड की दवा ले रहे हों तो अश्वगंधा न लें बिना डॉक्टर से पूछे — यह थायरॉइड हार्मोन बढ़ाती है और दवा की मात्रा गड़बड़ा सकती है। गर्भावस्था में नहीं। नींद की या शांत करने वाली दवाओं के साथ इसका असर जुड़ जाता है। सर्जरी से दो हफ़्ते पहले बंद कर दें।
यहाँ से शुरू करें
ब्राह्मी · Brahmi
आधा चम्मच ब्राह्मी चूर्ण रात को गर्म दूध या शहद के साथ; या सुबह 4-5 ताज़ी पत्तियाँ चबाएँ।
परंपरागत
सावधानीथायरॉइड की दवा और नींद की दवा के साथ सावधानी — दोनों का असर बदल सकता है।
तिल · Sesame
एक चम्मच काले तिल हल्का भूनकर चबाएँ, या गुड़ के साथ पीसकर छोटा लड्डू बनाकर रोज़ एक लें।
परंपरागत
घी · Ghee
1 चम्मच गर्म गाय का घी खाली पेट या रात को गर्म दूध में मिलाकर लें — यह अन्य औषधियों को धातुओं तक पहुँचाता है।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
दिन में दो बार दस मिनट अनुलोम-विलोम व आठ बार भ्रामरी।
घबराहट में मुँह व कलाइयों पर ठंडा जल; मिट्टी पर नंगे पाँव।
शास्त्रीय औषधि
सर्पगंधा वटी · Sarpagandha Vati
मात्रा: 1–2 tablets (250 mg) · Warm water at night
उच्च रक्तचाप, बेचैनी, उद्विग्न मन से अनिद्रा। निगरानी आवश्यक — रक्तचाप वास्तव में घटाती है।
अश्वगंधारिष्ट · Ashwagandharishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water, twice daily after food
स्नायु-क्षीणता, अनिद्रा, कृशता, रोग के बाद दुर्बलता, यौन दुर्बलता, चिंता।
ब्राह्मी वटी · Brahmi Vati
मात्रा: 1–2 tablets (250 mg) · Warm milk at night
स्मृति व एकाग्रता की कमी, मानसिक थकान, चिंता, अनिद्रा, बालकों में एकाग्रता की कमी।