रात को आधा चम्मच गुनगुने दूध में, नित्य। सूजे जोड़ पर हल्दी व पानी का गर्म लेप बीस मिनट बाहर से आराम देता है।
प्रमाणित
घुटने के गठिया में करक्यूमिन पर मनुष्यों पर अध्ययन हुए हैं।
सावधानीरसोई में डाली जाने वाली मात्रा सुरक्षित है। गोली या सत्व के रूप में ज़्यादा मात्रा ख़ून पतला करने वाली दवाओं के साथ नहीं। पित्ताशय में पथरी हो तो ज़्यादा मात्रा से बचें। सर्जरी से पहले बंद करें।
अदरक · Ginger
भोजन में या काढ़े के रूप में ताज़ा अदरक। तेज़ दर्द में गर्म अदरक-जल में भिगोया कपड़ा निचोड़कर जोड़ पर दस मिनट।
परंपरागत
सावधानीख़ून पतला करने वाली दवा के साथ ज़्यादा मात्रा नहीं। सर्जरी से पहले बंद करें।
तिल · Sesame
रोज़ रात गर्म स्नान से पहले जोड़ पर गुनगुना तिल तेल — वातज आमवात का सबसे प्रचलित बाह्य उपचार यही है।
परंपरागत
घी · Ghee
भोजन में एक चम्मच। जो जोड़ छूने में गर्म व लाल हो उस पर घी न लगाएँ — तेल वह गर्मी रोक लेता है; ठंडे व जकड़े जोड़ पर लगाएँ।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
गर्म-ठंडा सेंक तीन-तीन मिनट, चार चक्र; नित्य सौम्य चालन।
साप्ताहिक फल-उपवास; सूजे जोड़ पर मिट्टी की पट्टी।
शास्त्रीय औषधि
योगराज गुग्गुलु · Yogaraj Guggulu
मात्रा: 2–4 tablets (500 mg) · Warm water after meals
संधि-शूल व जकड़न, आमवात, गृध्रसी, वातरक्त, कटि-शूल, वात-शोथ।
बलारिष्ट · Balarishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water twice daily
संधि-शूल के साथ दुर्बलता, मांस-क्षय, बल की कमी, कटि-शूल, वृद्धों में स्वास्थ्य-लाभ।
महानारायण तेल · Mahanarayan Oil
मात्रा: External use only · Warm and massage, then a warm bath
संधि-शूल व जकड़न, गृध्रसी, कंधे की जकड़न, मांस-क्षय, पक्षाघात, पुरानी चोट।
महामाष तेल · Mahamash Oil
मात्रा: External use only · Warm and massage, especially head and joints
मुख-पक्षाघात, स्नायु-दौर्बल्य, कंप, गर्दन व जबड़े की जकड़न, गहरा संधि-शूल।