मौसम में पका जामुन; वर्षभर आधा चम्मच जामुन गुठली चूर्ण पानी के साथ दिन में दो बार।
परंपरागत
आँवला · Amla
एक ताज़ा आँवला, या एक चम्मच आँवला चूर्ण ठंडे पानी में रोज़ सुबह — दूध के साथ न लें।
परंपरागत
मेथी · Fenugreek
एक चम्मच मेथी दाना रातभर भिगोकर सुबह चबाएँ और वही पानी पी लें।
प्रमाणित
रक्त शर्करा पर मेथी के दानों का असर अध्ययनों में देखा गया है।
सावधानीशुगर की दवा के साथ लें तो शुगर ज़्यादा गिर सकती है — जाँचते रहें। गर्भावस्था में नहीं — यह बच्चेदानी को उकसाती है। ख़ून पतला करने वाली दवा के साथ भी नहीं।
दालचीनी · Cinnamon
चौथाई से आधा चम्मच दालचीनी चूर्ण गर्म पानी या दूध में रोज़ एक बार; अधिक मात्रा उष्ण होती है।
परंपरागत
सावधानीरोज़ ज़्यादा मात्रा में लंबे समय तक नहीं — आम दालचीनी (कैसिया) में कूमैरिन होता है जो जिगर पर असर डाल सकता है। शुगर की दवा के साथ शुगर जाँचते रहें।
जई · Oats
बिना चीनी दलिया प्रातः, दालचीनी के साथ। शर्करा धीरे छूटती है, अचानक उछाल नहीं आता।
परंपरागत
फलियाँ · Beans
राजमा भोजन में सप्ताह में तीन बार — इसका रेशा व प्रोटीन शर्करा को धीरे छोड़ते हैं।
परंपरागत
तेजपत्र · Indian Bay Leaf
तेजपत्र चूर्ण प्रातः, या दो पत्ते जल में उबालकर पिएँ।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
बड़े भोजन के बाद पैंतालीस मिनट सैर; नित्य मंडूकासन व वक्रासन।
साप्ताहिक फल-उपवास; बीस मिनट धूप।
शास्त्रीय औषधि
निशामलकी चूर्ण · Nishamalaki Churna
मात्रा: 3–6 g · Warm water on an empty stomach
मधुमेह, मधुमेह-कण्डू, देर से भरने वाले घाव, यकृत-मेदोवृद्धि।
चंद्रप्रभा वटी · Chandraprabha Vati
मात्रा: 2 tablets (500 mg) · Warm water or milk twice daily
मूत्र-रोग, मधुमेह के साथ दुर्बलता, कटि-शूल, स्त्री-पुरुष प्रजनन दुर्बलता, सामान्य क्षीणता।