गुनगुना तिल का तेल प्रभावित अंग पर हथेली से मालिश करें, बीस मिनट रखकर गर्म पानी से स्नान करें।
परंपरागत
घी · Ghee
1 चम्मच गर्म गाय का घी खाली पेट या रात को गर्म दूध में मिलाकर लें — यह अन्य औषधियों को धातुओं तक पहुँचाता है।
परंपरागत
शहद · Honey
एक चम्मच कच्चा शहद सीधे या गुनगुने पानी में लें — गर्म पानी में कभी न डालें, गुण नष्ट होते हैं।
प्रमाणित
एक साल से बड़े बच्चों में रात की खाँसी पर शहद के अध्ययन हैं।
सावधानीएक साल से छोटे बच्चे को शहद कभी नहीं — बोटुलिज़्म का ख़तरा। यह नियम बिना अपवाद है।
दूध · Milk
सोने से पहले एक कप गर्म गाय का दूध उबालकर धीरे-धीरे पिएँ — नमक या खट्टी चीज़ के साथ न लें।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
दिन में दो बार भाप; रात्रि में कक्ष में नमी रखें।
गले पर गर्म पट्टी; निरंतर गुनगुना जल।
शास्त्रीय औषधि
द्राक्षारिष्ट · Draksharishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water after meals
सूखी खाँसी के साथ दुर्बलता, रक्ताल्पता, अरुचि, वक्ष-भारीपन, स्वास्थ्य-लाभ। वृद्धों के लिए भी सौम्य।
क्या खाएँ
तिल का तेल · Sesame oilघी · Gheeशहद · Honeyदूध · Milk
क्या घटाएँ
ठंडे भोजन · Cold foods
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।