गुनगुना तिल का तेल प्रभावित अंग पर हथेली से मालिश करें, बीस मिनट रखकर गर्म पानी से स्नान करें।
परंपरागत
घी · Ghee
1 चम्मच गर्म गाय का घी खाली पेट या रात को गर्म दूध में, और वही घी सूखी खुजली वाली जगह पर मलें — भीतर लेने पर यह अन्य औषधियों को धातुओं तक पहुँचाता है, बाहर लगाने पर वह फटन रोकता है जिससे खुजली बनी रहती है। फैलते चकत्ते या बुख़ार के साथ खुजली रूखेपन की नहीं — दिखाएँ।
परंपरागत
नारियल · Coconut
ताज़ा कसा नारियल दो चम्मच सुबह के भोजन के साथ — शीतल व आँतों के लिए सुपाच्य।
परंपरागत
यहाँ से शुरू करें
नीम · Neem
4-5 कोमल नीम पत्तियाँ खाली पेट चबाएँ, या पत्तियों का काढ़ा बनाकर प्रभावित त्वचा धोएँ।
परंपरागत
सावधानीगर्भावस्था में और गर्भधारण की कोशिश में नीम खाना नहीं। छोटे बच्चों को नीम का तेल भीतर कभी नहीं।
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
खुजाएँ नहीं; राहत हेतु ठंडी गीली पट्टी। मिट्टी की पट्टी ताप खींचती है।