2 कुटी लहसुन कली 2 चम्मच तिल तेल में हल्का गर्म करें, शरीर-तापमान तक ठंडा कर छानें; रात में बंद कान में 2 बूँद — मैल नरम करने का शास्त्रीय कर्णपूरण। दर्द, बहाव या पर्दे में छेद हो तो कभी नहीं।
परंपरागत
सावधानीगोली के रूप में ज़्यादा मात्रा ख़ून पतला करने वाली दवाओं के साथ नहीं। सर्जरी से पहले बंद करें।
भाप · Steam
भाप (सादी या अजवायन डालकर) 5 मिनट दिन में दो बार; फिर ज़ोर से निगलें, जम्हाई लें या नाक बंद कर हल्का ज़ोर लगाएँ — नली खुलती है।
परंपरागत
अदरक-तुलसी · Ginger-tulsi
सर्दी के बाद कान बंद हो तो अदरक-तुलसी चाय दिन में दो बार — कान की नली का कफ पतला करती है।
परंपरागत
सावधानीख़ून पतला करने वाली दवा के साथ ज़्यादा मात्रा नहीं। सर्जरी से पहले बंद करें।
तुलसी रस · Tulsi juice
ताज़ी तुलसी-पत्तों का रस हल्का गुनगुना कर 2 बूँद — स्नान या बरसात के बाद भारी-बंद कान का लोक-उपाय।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
दर्द या बहाव वाले कान में रुई, पिन या तेल कभी न डालें। स्नान में कान सूखा रखें (हल्की वैसलीन लगी रुई)।
सप्ताह भर से अधिक बंद रहे, सुनना घटे या दर्द-बहाव हो — कान दिखाएँ; जमा मैल क्लिनिक में मिनटों में सुरक्षित निकलता है।
शास्त्रीय औषधि
अपामार्ग क्षार तेल · Apamarga Kshara Taila
कर्णपूरण हेतु · वैद्य-निर्देशन में
कफज कर्ण-रोग व बंद कान में शास्त्रोक्त; स्वयं प्रयोग से पहले पर्दा ठीक होना आवश्यक।
क्या खाएँ
लहसुन · Garlicअदरक · Gingerतुलसी · Tulsiगर्म पानी · Warm water
क्या घटाएँ
रुई-पिन कान में · Cotton buds/pinsठंड-नमी · Cold-damp exposureरात में दही · Curd at night
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।