आम: आधा किलो आम के हरे पत्ते पीसकर लुगदी बनाएँ, तिल के तेल में पानी जलने तक गर्म करें, ठंडा कर छान लें; इस तेल की शरीर पर मालिश करें।
सावधानीमिर्गी की दवा अपने आप कभी बंद या कम न करें — यह मालिश उसके साथ है, उसकी जगह नहीं। दौरा पाँच मिनट से लंबा चले, या एक के बाद एक आएँ, तो तुरंत अस्पताल ले जाएँ।
आधा किलो आम के हरे पत्ते पीसकर लुगदी बनाएँ, तिल के तेल में पानी जलने तक गर्म करें, ठंडा कर छान लें; इस तेल की शरीर पर मालिश करें।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
नियत निद्रा व भोजन-समय ही आधार हैं। नित्य शवासन व भ्रामरी; कपालभाति कभी नहीं।
प्रातः व सायं रीढ़ पर ठंडा स्पंज।
शास्त्रीय औषधि
ब्राह्मी वटी · Brahmi Vati
मात्रा: 1–2 tablets (250 mg) · Warm milk at night
स्मृति व एकाग्रता की कमी, मानसिक थकान, चिंता, अनिद्रा, बालकों में एकाग्रता की कमी।
क्या खाएँ
आम · Mango
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।