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मांसपेशी-पीड़ा

फाइब्रोमायल्जिया — पूरे बदन में दुखन, थकान, नींद अधूरी।

अन्य नाम: body pain · पूरे शरीर में दर्द · मांसपेशी दर्द · widespread pain

घरेलू उपाय

मुख्य उपाय
नित्य गर्म तिल के तेल की मालिश। अश्वगंधा-घी दर्द व थकान घटाते हैं।
तिल का तेलघीहल्दीअश्वगंधा
तिल का तेल · Sesame oil
गुनगुना तिल का तेल प्रभावित अंग पर हथेली से मालिश करें, बीस मिनट रखकर गर्म पानी से स्नान करें।
परंपरागत
घी · Ghee
1 चम्मच गर्म गाय का घी खाली पेट या रात को गर्म दूध में मिलाकर लें — यह अन्य औषधियों को धातुओं तक पहुँचाता है।
परंपरागत
हल्दी · Turmeric
आधा चम्मच हल्दी एक कप गर्म दूध या गर्म पानी में, दिन में एक-दो बार। साथ में चुटकी काली मिर्च लेने से अवशोषण बढ़ता है।
परंपरागत
सावधानीरसोई में डाली जाने वाली मात्रा सुरक्षित है। गोली या सत्व के रूप में ज़्यादा मात्रा ख़ून पतला करने वाली दवाओं के साथ नहीं। पित्ताशय में पथरी हो तो ज़्यादा मात्रा से बचें। सर्जरी से पहले बंद करें।
अश्वगंधा · Ashwagandha
आधा से एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण रात को गर्म दूध में, छह से आठ सप्ताह नियम से लें।
परंपरागत
सावधानीथायरॉइड की दवा ले रहे हों तो अश्वगंधा न लें बिना डॉक्टर से पूछे — यह थायरॉइड हार्मोन बढ़ाती है और दवा की मात्रा गड़बड़ा सकती है। गर्भावस्था में नहीं। नींद की या शांत करने वाली दवाओं के साथ इसका असर जुड़ जाता है। सर्जरी से दो हफ़्ते पहले बंद कर दें।
इस पन्ने पर
प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।

प्राकृतिक चिकित्सा

गर्म स्नान, फिर सौम्य खिंचाव; पीड़ा की सीमा पार न करें।
नित्य योग निद्रा; नियत निद्रा सर्वाधिक महत्वपूर्ण।

शास्त्रीय औषधि

बलारिष्ट · Balarishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water twice daily
संधि-शूल के साथ दुर्बलता, मांस-क्षय, बल की कमी, कटि-शूल, वृद्धों में स्वास्थ्य-लाभ।
महानारायण तेल · Mahanarayan Oil
मात्रा: External use only · Warm and massage, then a warm bath
संधि-शूल व जकड़न, गृध्रसी, कंधे की जकड़न, मांस-क्षय, पक्षाघात, पुरानी चोट।
क्षीरबला तेल · Ksheerabala Oil
मात्रा: External; internal only on advice · Warm and massage the head or affected part
सिरदर्द व अधकपारी, अनिद्रा, स्नायु-शूल, अंगों की दुर्बलता, ज्वर के बाद अंग-पीड़ा।
महामाष तेल · Mahamash Oil
मात्रा: External use only · Warm and massage, especially head and joints
मुख-पक्षाघात, स्नायु-दौर्बल्य, कंप, गर्दन व जबड़े की जकड़न, गहरा संधि-शूल।

क्या खाएँ

तिल का तेल · Sesame oilघी · Gheeहल्दी · Turmericअश्वगंधा · Ashwagandha

क्या घटाएँ

तला-भुना · Fried foods

अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।

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