शरीर से उन लवणों को निकाल देता है जिनके कारण गठिया बनी रहती है। गठिया साफ करने के लिए प्रात: अंगूर खाते रहना चाहिए।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
प्रतिदिन तीन लीटर जल; जोड़ पर गर्म-ठंडा सेंक बदल-बदल कर।
साप्ताहिक फल-उपवास; जोड़ को सौम्य रूप से चलाते रहें।
शास्त्रीय औषधि
अजमोदादि चूर्ण · Ajmodadi Churna
मात्रा: 2–4 g · Warm water
संधि-शूल, गृध्रसी, वात-रोग, कमर की जकड़न।
योगराज गुग्गुलु · Yogaraj Guggulu
मात्रा: 2–4 tablets (500 mg) · Warm water after meals
संधि-शूल व जकड़न, आमवात, गृध्रसी, वातरक्त, कटि-शूल, वात-शोथ।
कैशोर गुग्गुलु · Kaishore Guggulu
मात्रा: 2–4 tablets (500 mg) · Warm water after food
वातरक्त, यूरिक एसिड, संधि-दाह, रक्त-दुष्टि, पुरानी पीड़िका, कण्डू, न भरने वाले व्रण।
क्या खाएँ
अंगूर · Grapes
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।