रात को आधा चम्मच गुनगुने दूध में। चकत्ते पर हल्दी पानी के बजाय नारियल तेल में — तेल पपड़ी उठाता है, हल्दी नीचे की लाली शांत करती है।
परंपरागत
सावधानीरसोई में डाली जाने वाली मात्रा सुरक्षित है। गोली या सत्व के रूप में ज़्यादा मात्रा ख़ून पतला करने वाली दवाओं के साथ नहीं। पित्ताशय में पथरी हो तो ज़्यादा मात्रा से बचें। सर्जरी से पहले बंद करें।
नीम · Neem
4-5 कोमल नीम पत्तियाँ खाली पेट चबाएँ, या पत्तियों का काढ़ा बनाकर प्रभावित त्वचा धोएँ।
परंपरागत
सावधानीगर्भावस्था में और गर्भधारण की कोशिश में नीम खाना नहीं। छोटे बच्चों को नीम का तेल भीतर कभी नहीं।
नारियल का तेल · Coconut oil
गुनगुना नारियल तेल रात को सिर या प्रभावित त्वचा पर हल्के हाथ से लगाएँ, सुबह धो लें।
परंपरागत
घी · Ghee
रात को चकत्ते पर गुनगुना घी, सूती कपड़े से ढँककर। भोजन में भी एक चम्मच — यह रूक्षता का रोग है, दोनों ओर से मिलना पड़ता है।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
सूर्य-स्नान दस से तीस मिनट तक बढ़ाएँ; सप्ताह में दो बार समुद्री-नमक स्नान।
दागों पर मिट्टी की पट्टी; योग निद्रा से तनाव-प्रबंधन।