आधा चम्मच त्रिफला रातभर एक कप पानी में भिगोएँ; सुबह महीन कपड़े से छानकर आँखें धोएँ — शास्त्रीय नित्य नेत्र-प्रक्षालन।
परंपरागत
सावधानीगर्भावस्था में नहीं। यह जुलाब का काम करता है, इसलिए लगातार लंबे समय तक नहीं।
गुलाब जल · Rose water
शुद्ध गुलाब जल रुई पर लेकर बंद आँखों पर 10 मिनट — हवा, धूल व लंबे स्क्रीन की जलन-पानी शांत।
परंपरागत
आँवला · Amla
1 चम्मच आँवला रस शहद संग प्रातः — भीतर से आँखों को बल देने वाला नेत्र-रसायन।
परंपरागत
घी · Ghee
रात में बंद पलकों पर शुद्ध गाय के घी की हल्की मालिश; सोने से पहले तलवों पर घी-मालिश परंपरागत नेत्र-शामक।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
स्क्रीन पर 20-20-20 नियम (हर 20 मिनट, 20 फीट दूर, 20 सेकंड)। सुबह-शाम ठंडे पानी के छींटे; कभी मलें नहीं।
एक तरफ़ लगातार पानी, चिपचिपा बहाव, दर्द या रोशनी चुभे — यह साधारण थकान नहीं; बंद अश्रु-नलिका या संक्रमण हेतु नेत्र-चिकित्सक।
शास्त्रीय औषधि
त्रिफला घृत · Triphala Ghrita
मात्रा: ½–1 चम्मच गर्म दूध संग रात्रि में
नेत्र-रोगों का प्रधान शास्त्रीय रसायन — दृष्टि-बल व स्राव-शमन।
क्या खाएँ
त्रिफला · Triphalaगुलाब जल · Rose waterआँवला · Amlaघी · Ghee
क्या घटाएँ
आँख मलना · Rubbing eyesलगातार स्क्रीन · Screen strainधूल-हवा में बिना चश्मा · Dust-wind without glasses
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।