ग्रन्थि-अर्बुद — सुश्रुत-वर्णित। हर नई गाँठ की पहले डॉक्टर से जाँच।
घरेलू उपाय
मुख्य उपाय
हर नई गाँठ की पहले डॉक्टर से जाँच आवश्यक है — कभी अनुमान न लगाएँ। निदान के बाद शास्त्रीय सहायता: हल्दी-दूध, कांचनार गुग्गुल (वैद्य से), कफ घटाने वाला हल्का आहार।
सुश्रुत ग्रन्थि (गाँठ) व अर्बुद (ट्यूमर) का वर्णन करते हैं। सहायक: आधा चम्मच हल्दी गुनगुने दूध में नित्य (पीना है), कांचनार-गुग्गुलु वैद्य-निर्देशन में।
परंपरागत
लहसुन · Garlic
सुबह 1 कली कच्चा लहसुन गर्म पानी से — ग्रंथि में लहसुन शास्त्रोक्त लेखन द्रव्य है, रक्त-वसा को भी लाभ। पर जो गाँठ बढ़े, कठोर हो या दर्द-रहित हो, उसे घर पर देखते न रहें — जाँच व बायोप्सी अवश्य।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
बिना जाँच गाँठ की मालिश न करें; आकार का परिवर्तन नोट कर डॉक्टर को दिखाएँ।
क्या खाएँ
हल्दी · Turmericलहसुन · Garlic
क्या घटाएँ
प्रसंस्कृत भोजन · Processed foodअधिक चीनी · Excess sugar
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।