रोज़ एक कच्चा नारियल पानी ताज़ा व बिना ठंडा किए, दोपहर से पहले लें।
परंपरागत
धनिया · Coriander
एक चम्मच धनिया बीज रातभर भिगोएँ, सुबह छानकर पानी पिएँ, या ताज़ी पत्तियाँ चबाएँ।
परंपरागत
हल्दी · Turmeric
आधा चम्मच हल्दी एक कप गर्म दूध या गर्म पानी में, दिन में एक-दो बार। साथ में चुटकी काली मिर्च लेने से अवशोषण बढ़ता है।
परंपरागत
सावधानीरसोई में डाली जाने वाली मात्रा सुरक्षित है। गोली या सत्व के रूप में ज़्यादा मात्रा ख़ून पतला करने वाली दवाओं के साथ नहीं। पित्ताशय में पथरी हो तो ज़्यादा मात्रा से बचें। सर्जरी से पहले बंद करें।
घी · Ghee
1 चम्मच गर्म गाय का घी खाली पेट या रात को गर्म दूध में मिलाकर लें — यह अन्य औषधियों को धातुओं तक पहुँचाता है।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
प्रतिदिन तीन लीटर जल; पीड़ा में गर्म कटि-स्नान, अन्यथा ठंडा।
मूत्र न रोकें; प्रत्येक बार पूर्णतः खाली करें।
शास्त्रीय औषधि
गोक्षुरादि चूर्ण · Gokshuradi Churna
मात्रा: 3–6 g · Warm water or milk
मूत्रकृच्छ्र, मूत्र में कंकड़, अश्मरी, वृद्धि-रोग।
गोक्षुरादि गुग्गुलु · Gokshuradi Guggulu
मात्रा: 2–4 tablets (500 mg) · Warm water or milk
मूत्रकृच्छ्र, मूत्राश्मरी, प्रोस्टेट वृद्धि, मूत्राशय दुर्बलता, गुर्दे से कटि-शूल।