आँवला: सूखे आँवले और जामुन की गुठली समान मात्रा में पीस लें। दो चम्मच नित्य प्रात: भूखे पेट पानी के साथ लें। आँवले का ताजा रस, या चूर्ण दो बार पानी/दूध से लेने से भी मधुमेह में लाभ होता है। जामुन: नित्य 150 ग्राम जामुन खाएं। सूखी गुठली का चूर्ण एक-एक चम्मच सुबह-दोपहर-शाम पानी के साथ लें — गुठली का जम्बोलिन स्टार्च को शक्कर में बदलने से रोकता है। साथ में 3 ग्राम आम की गुठली की मींगी का चूर्ण भी लें।
मशरूम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम है, स्टार्च लगभग नहीं — दोपहर के भोजन में हल्का भुना एक कटोरी मशरूम प्रोटीन-रेशा देता है, शर्करा नहीं बढ़ाता।
परंपरागत
मटर · Green peas
हरी मटर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम है और प्रोटीन-रेशा भरपूर — दोपहर के भोजन में एक कटोरी लेने से भोजन के बाद शर्करा धीरे बढ़ती है।
परंपरागत
करेला · Bitter gourd
प्रातः खाली पेट आधा कप करेले का रस।
परंपरागत
बेसन · Gram flour
गेहूँ के स्थान पर भुने बेसन की रोटी — शर्करा स्थिर रहती है।
परंपरागत
तेजपत्ता · Bay leaf
दो तेजपत्ते पानी में उबालकर दिन में दो बार गुनगुना लें।
परंपरागत
जामुन · Jamun
नित्य 150 ग्राम जामुन खाएं। सूखी गुठली का चूर्ण एक-एक चम्मच सुबह-दोपहर-शाम पानी के साथ लें — गुठली का जम्बोलिन स्टार्च को शक्कर में बदलने से रोकता है। साथ में 3 ग्राम आम की गुठली की मींगी का चूर्ण भी लें।
परंपरागत
यहाँ से शुरू करें
आँवला · Amla
सूखे आँवले और जामुन की गुठली समान मात्रा में पीस लें। दो चम्मच नित्य प्रात: भूखे पेट पानी के साथ लें। आँवले का ताजा रस, या चूर्ण दो बार पानी/दूध से लेने से भी मधुमेह में लाभ होता है।
परंपरागत
आम · Mango
आम और जामुन का रस बराबर मात्रा में मिलाकर कुछ दिन पिएँ — रक्त-शर्करा सँभालने में सहायक।
परंपरागत
तेजपत्र · Indian Bay Leaf
तेजपत्र चूर्ण आधा चम्मच गुनगुने जल के साथ प्रातः खाली पेट।
परंपरागत
बेल पत्र चाय · Bael-leaf tea
3-4 बेल पत्र एक कप पानी में उबालकर खाली पेट — खाली पेट की शुगर में पुराना उपाय। यह मेटफॉर्मिन की जगह नहीं लेता; पंद्रह दिन पहले व बाद की रीडिंग मिलाकर देखें।
परंपरागत
दालचीनी चाय · Cinnamon tea
एक छोटा टुकड़ा (लगभग 1 ग्राम) एक कप पानी में उबालकर, दिन में एक बार — इंसुलिन की संवेदनशीलता में थोड़ा लाभ। हो सके तो असली दालचीनी लें; कैसिया अधिक मात्रा में रोज़ लेने से यकृत पर भार पड़ता है।
परंपरागत
मेथी चाय · Fenugreek tea
1 चम्मच मेथी दाना रातभर भिगोकर — सुबह पानी पिएँ व दाने चबा लें। घुलनशील रेशा शर्करा का अवशोषण धीमा करता है; रसोई के उपायों में इसके प्रमाण सबसे मज़बूत हैं।
परंपरागत
तेजपत्ता चाय · Bay-leaf tea
1 तेजपत्ता एक कप पानी में उबालकर, दिन में एक बार — दवा के साथ खाली पेट की शुगर में थोड़ी सहायता; दवा की जगह कभी नहीं।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
प्रतिदिन पैंतालीस मिनट तेज़ चाल — बड़े भोजन के बाद सर्वोत्तम। नित्य मंडूकासन व वक्रासन।
साप्ताहिक एक दिन फलाहार; नंगी पीठ पर बीस मिनट सूर्य-स्नान।
शास्त्रीय औषधि
गुडूची सत्व · Guudchi Satva
घटक: Guudchi extract, mineral salts, turmeric
निशामलकी चूर्ण · Nishamalaki Churna
मात्रा: 3–6 g · Warm water on an empty stomach
मधुमेह, मधुमेह-कण्डू, देर से भरने वाले घाव, यकृत-मेदोवृद्धि।
चंद्रप्रभा वटी · Chandraprabha Vati
मात्रा: 2 tablets (500 mg) · Warm water or milk twice daily
मूत्र-रोग, मधुमेह के साथ दुर्बलता, कटि-शूल, स्त्री-पुरुष प्रजनन दुर्बलता, सामान्य क्षीणता।