1 चम्मच गर्म गाय का घी खाली पेट या रात को गर्म दूध में मिलाकर लें — यह अन्य औषधियों को धातुओं तक पहुँचाता है।
परंपरागत
यहाँ से शुरू करें
आम की गुठली · Mango seed
सूखी गुठली का चूर्ण चौथाई चम्मच छाछ या शहद के साथ, दिन में एक-दो बार।
परंपरागत
चावल · Rice
पतली चावल की माँड़, गर्म व हल्की नमकीन — मंदाग्नि में सबसे सुपाच्य आहार।
परंपरागत
दूध · Milk
सोने से पहले एक कप गर्म गाय का दूध उबालकर धीरे-धीरे पिएँ — नमक या खट्टी चीज़ के साथ न लें।
परंपरागत
बेल · Bengal Quince
कच्चे बेल का चूर्ण आधा चम्मच छाछ के साथ, दिन में दो बार, दो सप्ताह।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
नियत भोजन-समय व रात्रि में पेट पर गर्म पट्टी; ठंडे पेय नहीं।
नित्य योग निद्रा — मन शांत होने पर आँतें शांत होती हैं।
शास्त्रीय औषधि
बिल्वादि चूर्ण · Bilwadi Churna
मात्रा: 3–6 g · Buttermilk or warm water
पुराना अतिसार, ग्रहणी, मल में आम।
कुटजारिष्ट · Kutajarishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water twice daily
पुराना अतिसार, आम या रक्त-युक्त प्रवाहिका, ग्रहणी, ढीले मल के साथ आँत-विकार।