पके आम को गर्म राख में दबाकर भून लें, ठंडा कर चूसें — सूखी खाँसी में आराम मिलता है।
परंपरागत
मक्खन · Butter
ताज़ा मक्खन एक चम्मच मिश्री व चुटकी काली मिर्च के साथ, रात को। गले की रूक्षता शांत करता है।
परंपरागत
वासक · Vasaka
वासा पत्र का काढ़ा, शहद मिलाकर गुनगुना, दिन में दो बार।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
दिन में दो बार भाप; रात्रि में गले पर गर्म पट्टी।
निरंतर गुनगुना जल; कक्ष में नमी बनाए रखें।
शास्त्रीय औषधि
यष्टिमधु चूर्ण · Yashtimadhu Churna
मात्रा: 1–3 g · Ghee, honey or cool milk
अम्लपित्त, आमाशय-शोथ, अल्सर, गले की खराश, सूखी खाँसी, स्वर-भंग।
द्राक्षारिष्ट · Draksharishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water after meals
सूखी खाँसी के साथ दुर्बलता, रक्ताल्पता, अरुचि, वक्ष-भारीपन, स्वास्थ्य-लाभ। वृद्धों के लिए भी सौम्य।
क्या खाएँ
आम · Mangoमक्खन · Butterवासक · Vasaka
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।