यकृत के रोगों में लाभकारी — जिगर को बल देता है। नित्य खाएँ।
परंपरागत
मकोय (काकमाची) · Black nightshade
मकोय के पत्तों का रस दो चम्मच प्रातः खाली पेट। यकृत की सूजन घटाता है।
परंपरागत
कासनी · Chicory
कासनी के बीज का चूर्ण आधा चम्मच जल के साथ, दिन में दो बार। यकृत की श्रेष्ठ औषधियों में।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
यकृत पर प्रतिदिन तीस मिनट ठंडी पट्टी; साप्ताहिक रस-उपवास।
मदिरा व तला-भुना पूर्णतः त्याग।
शास्त्रीय औषधि
सुदर्शन चूर्ण · Sudarshan Churna
मात्रा: 1–3 g · Warm water or honey
पुराना ज्वर, मलेरिया, ज्वर में अरुचि, यकृत की सुस्ती।
आरोग्यवर्धिनी वटी · Arogyavardhini Vati
मात्रा: 1–2 tablets (250 mg) · Warm water before food
यकृत की सुस्ती, यकृत-मेदोवृद्धि, पीलिया के बाद, स्थौल्य, पुराने त्वचा-रोग, अरुचि।
महासुदर्शन चूर्ण · Mahasudarshan Churna
मात्रा: 1–3 g · Warm water or honey, twice daily
कोई भी न उतरने वाला ज्वर — मलेरिया, मोतीझरा, विषम ज्वर, यकृत-युक्त ज्वर, ज्वर में अरुचि।
पुनर्नवा मंडूर · Punarnava Mandur
मात्रा: 2 tablets (500 mg) · Warm water after food
शोथ व जल-संचय, पाण्डु के साथ सूजन, गुर्दों की सुस्ती, यकृत-प्लीहा वृद्धि।
क्या खाएँ
सेब · Appleमकोय (काकमाची) · Black nightshadeकासनी · Chicory
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।