आधा चम्मच ब्राह्मी चूर्ण रात को गर्म दूध में — मन को स्थिर करती है, जो यहाँ आधा उपचार है।
परंपरागत
सावधानीथायरॉइड की दवा और नींद की दवा के साथ सावधानी — दोनों का असर बदल सकता है।
मुलेठी · Licorice
आधा चम्मच मुलेठी चूर्ण एक चम्मच घी व शहद के साथ, दिन में एक बार।
परंपरागत
सावधानीरक्तचाप बढ़ाती है और शरीर का पोटैशियम घटाती है। बीपी, हृदय या गुर्दे की बीमारी हो तो नहीं। लगातार कुछ हफ़्तों से ज़्यादा नहीं।
धनिया · Coriander
एक चम्मच धनिया रातभर भिगोएँ, सुबह छानकर पानी पिएँ — मूत्रमार्ग के लिए शीतल।
परंपरागत
दूध · Milk
रात को एक कप गर्म गाय का दूध चुटकी इलायची के साथ — सभी बल्य औषधियों का शास्त्रीय अनुपान।
परंपरागत
घी · Ghee
एक चम्मच गाय का घी रात को गर्म दूध में; यह औषधि को गहरी धातुओं तक पहुँचाता है।
परंपरागत
मिश्री · Mishri
थोड़ी मिश्री औषधि चूर्ण के साथ लें — यह शीतल करती है व प्रभाव पहुँचाती है।
परंपरागत
आँवला · Amla
एक ताज़ा आँवला या एक चम्मच आँवला चूर्ण ठंडे पानी में रोज़ सुबह — दूध के साथ न लें।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
सोने से पहले ठंडा कटि-स्नान; सोने से ठीक पहले मूत्राशय खाली।
करवट सोएँ, पेट के बल कभी नहीं; सोने से पहले स्क्रीन नहीं।