इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
दिन में दो बार दस मिनट ठंडा कटि-स्नान; अश्विनी मुद्रा पचास बार।
देर तक बैठना व साइकिल कम करें; मूत्राशय पूर्णतः खाली करें।
शास्त्रीय औषधि
गोक्षुरादि चूर्ण · Gokshuradi Churna
मात्रा: 3–6 g · Warm water or milk
मूत्रकृच्छ्र, मूत्र में कंकड़, अश्मरी, वृद्धि-रोग।
कांचनार गुग्गुलु · Kanchanar Guggulu
मात्रा: 2–4 tablets (500 mg) · Warm water twice daily