फैटी लिवर — यकृत पर चर्बी; भारीपन, थकान, रिपोर्ट में SGPT ऊँचा।
अन्य नाम: fatty liver disease · यकृत में चर्बी · लिवर में सूजन · NAFLD · यकृत वृद्धि
घरेलू उपाय
मुख्य उपाय
पंद्रह दिन तक खाली पेट आधा कप करेले का रस। नित्य नाश्ते में पका पपीता। प्रातः सर्वप्रथम गुनगुना नींबू पानी। चौथाई चम्मच हल्दी गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार।
सावधानीकच्चा या अधपका पपीता गर्भावस्था में नहीं — इसका दूध बच्चेदानी को उकसाता है। पका पपीता सामान्य मात्रा में ठीक है।
नींबू · Lemon
प्रातः सर्वप्रथम गुनगुना नींबू पानी।
परंपरागत
हल्दी · Turmeric
चौथाई चम्मच हल्दी गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार।
परंपरागत
सावधानीरसोई में डाली जाने वाली मात्रा सुरक्षित है। गोली या सत्व के रूप में ज़्यादा मात्रा ख़ून पतला करने वाली दवाओं के साथ नहीं। पित्ताशय में पथरी हो तो ज़्यादा मात्रा से बचें। सर्जरी से पहले बंद करें।
मकोय (काकमाची) · Black nightshade
मकोय पत्र का रस प्रातः, छह सप्ताह नियम से।
परंपरागत
कासनी · Chicory
कासनी बीज चूर्ण प्रातः खाली पेट, आठ सप्ताह।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
मदिरा व तला-भुना पूर्णतः त्याग। यकृत पर प्रतिदिन तीस मिनट ठंडी पट्टी।
साप्ताहिक रस-उपवास; धनुरासन व भुजंगासन।
शास्त्रीय औषधि
पुनर्नवादि चूर्ण · Punarnavadi Churna
मात्रा: 3–6 g · Warm water
शोथ, जलोदर, मुख व पैरों की सूजन, गुर्दों की सुस्ती।
निशामलकी चूर्ण · Nishamalaki Churna
मात्रा: 3–6 g · Warm water on an empty stomach
मधुमेह, मधुमेह-कण्डू, देर से भरने वाले घाव, यकृत-मेदोवृद्धि।
आरोग्यवर्धिनी वटी · Arogyavardhini Vati
मात्रा: 1–2 tablets (250 mg) · Warm water before food
यकृत की सुस्ती, यकृत-मेदोवृद्धि, पीलिया के बाद, स्थौल्य, पुराने त्वचा-रोग, अरुचि।
पुनर्नवा मंडूर · Punarnava Mandur
मात्रा: 2 tablets (500 mg) · Warm water after food
शोथ व जल-संचय, पाण्डु के साथ सूजन, गुर्दों की सुस्ती, यकृत-प्लीहा वृद्धि।