आधा से एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण रात को गर्म दूध व थोड़े घी के साथ, आठ सप्ताह नियम से लें।
परंपरागत
सावधानीथायरॉइड की दवा ले रहे हों तो अश्वगंधा न लें बिना डॉक्टर से पूछे — यह थायरॉइड हार्मोन बढ़ाती है और दवा की मात्रा गड़बड़ा सकती है। गर्भावस्था में नहीं। नींद की या शांत करने वाली दवाओं के साथ इसका असर जुड़ जाता है। सर्जरी से दो हफ़्ते पहले बंद कर दें।
सफेद मूसली · Safed musli
आधा चम्मच सफेद मूसली चूर्ण रात को गर्म दूध में; परंपरा से थोड़ी मिश्री के साथ।
परंपरागत
गोखरू · Gokhru
आधा चम्मच गोक्षुर चूर्ण गर्म पानी या दूध में दिन में दो बार, भोजन के बाद।
परंपरागत
बादाम · Almonds
7 बादाम रातभर भिगोकर छीलें, चुटकी केसर के साथ पीसकर गर्म दूध में रोज़ सुबह लें।
परंपरागत
खजूर · Dates
तीन खजूर रातभर दूध में भिगोकर सुबह उसी दूध के साथ खाएँ।
परंपरागत
दूध · Milk
रात को एक कप गर्म गाय का दूध चुटकी इलायची के साथ — सभी बल्य औषधियों का शास्त्रीय अनुपान।
परंपरागत
घी · Ghee
एक चम्मच गाय का घी रात को गर्म दूध में; यह औषधि को गहरी धातुओं तक पहुँचाता है।
परंपरागत
तिल · Sesame
एक चम्मच काले तिल गुड़ के साथ पीसकर छोटा लड्डू बनाएँ, सर्दियों में रोज़ सुबह एक लें।
परंपरागत
केसर · Saffron
दो-तीन केसर के धागे एक चम्मच गर्म दूध में भिगोकर रात को लें — अत्यंत अल्प मात्रा पर्याप्त है।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
नित्य ठंडा कटि-स्नान व अश्विनी मुद्रा; बारह सूर्य नमस्कार।
दस से पहले निद्रा; स्नान से पहले तेल-मालिश।
शास्त्रीय औषधि
चंद्रप्रभा वटी · Chandraprabha Vati
मात्रा: 2 tablets (500 mg) · Warm water or milk twice daily
मूत्र-रोग, मधुमेह के साथ दुर्बलता, कटि-शूल, स्त्री-पुरुष प्रजनन दुर्बलता, सामान्य क्षीणता।
अश्वगंधारिष्ट · Ashwagandharishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water, twice daily after food
स्नायु-क्षीणता, अनिद्रा, कृशता, रोग के बाद दुर्बलता, यौन दुर्बलता, चिंता।