ध्यान देंयह सूची पूरी नहीं है। गर्भावस्था में कोई भी जड़ी-बूटी, चूर्ण या काढ़ा शुरू करने से पहले अपनी डॉक्टर या वैद्य से पूछें — रसोई की सामान्य मात्रा और औषधीय मात्रा में बड़ा फ़र्क़ होता है।
अरंडी का तेल
Castor oil
गर्भाशय को संकुचित करता है; समय से पहले प्रसव-पीड़ा शुरू कर सकता है।
प्रमाणित असर
एलोवेरा (अंदर लेने पर)
Aloe vera (taken internally)
तेज़ रेचक और गर्भाशय-उत्तेजक। बाहरी लेप की बात अलग है।
प्रमाणित असर
गुग्गुलु
Guggulu
गर्भावस्था में वर्जित माना जाता है; हार्मोन पर भी असर।
प्रमाणित असर
कच्चा पपीता
Unripe papaya
कच्चे फल के दूध (latex) में गर्भाशय को उत्तेजित करने वाले तत्व होते हैं। पका पपीता अलग है।
प्रमाणित असर
नीम (औषधीय मात्रा)
Neem (medicinal amounts)
औषधीय मात्रा में गर्भ के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता।
प्रमाणित असर
अश्वगंधा
Ashwagandha
परंपरा में गर्भावस्था में वर्जित; अधिक मात्रा को लेकर चिंता दर्ज़ है।
परंपरागत सावधानी
मेथी (औषधीय मात्रा)
Fenugreek (medicinal amounts)
अधिक मात्रा गर्भाशय को उत्तेजित कर सकती है। तड़के की मेथी अलग है।
प्रमाणित असर
भस्म व धातु-युक्त शास्त्रीय औषधि
Bhasma and metal-bearing classical medicines
बिना योग्य वैद्य की देखरेख के गर्भावस्था में नहीं।
प्रमाणित असर
अनानास (अधिक मात्रा)
Pineapple (in quantity)
परंपरा में शुरुआती महीनों में वर्जित। आधुनिक प्रमाण कमज़ोर है।
परंपरागत सावधानी
इस पन्ने पर प्रमाणित असर — आधुनिक अध्ययनों में दर्ज़ असर या दवा-प्रतिक्रिया। परंपरागत सावधानी — शास्त्रों व परंपरा में वर्जित, आधुनिक प्रमाण सीमित।