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सर्जरी से पहले क्या बंद करें

कई आम जड़ी-बूटियाँ ख़ून के थक्के और बेहोशी की दवा पर असर डालती हैं।

ध्यान देंसर्जरी से आम तौर पर 1–2 हफ़्ते पहले सभी जड़ी-बूटी व सप्लीमेंट बंद कर दिए जाते हैं। कब बंद करना है, यह आपके सर्जन और निश्चेतक (anaesthetist) को ही तय करना है — अपने आप कुछ शुरू या बंद न करें, पहले उन्हें बताएँ।
लहसुन
Garlic
प्लेटलेट्स को जुड़ने से रोकता है, जिससे ऑपरेशन में ख़ून ज़्यादा बह सकता है।
प्रमाणित असर
अदरक
Ginger
औषधीय मात्रा में प्लेटलेट्स पर असर डालता है। खाने में डाली गई मात्रा अलग बात है।
प्रमाणित असर
हल्दी (सप्लीमेंट/करक्यूमिन)
Turmeric (curcumin supplements)
गोली या अर्क की मात्रा में ख़ून पतला करने जैसा असर। रसोई की हल्दी अलग है।
प्रमाणित असर
अश्वगंधा
Ashwagandha
शामक असर — बेहोशी की दवा के असर को बढ़ा सकता है।
प्रमाणित असर
मेथी
Fenugreek
शर्करा घटाती है और हल्का ख़ून-पतला असर रखती है।
प्रमाणित असर
गिंको बिलोबा
Ginkgo biloba
प्लेटलेट्स पर असर — रक्तस्राव का ख़तरा बढ़ता है।
प्रमाणित असर
जिनसेंग
Ginseng
शर्करा और रक्तस्राव दोनों पर असर।
प्रमाणित असर
मछली का तेल / ओमेगा-3
Fish oil / omega-3
ख़ून पतला करता है।
प्रमाणित असर
विटामिन E (अधिक मात्रा)
Vitamin E (high dose)
अधिक मात्रा में रक्तस्राव बढ़ा सकता है।
प्रमाणित असर
सेंट जॉन्स वॉर्ट
St John's Wort
जिगर में दवाओं के टूटने की गति बदल देता है — बेहोशी व दर्द की दवाओं का असर बदल सकता है।
प्रमाणित असर
वैलेरियन
Valerian
शामक — बेहोशी की दवा के साथ असर बढ़ता है।
प्रमाणित असर
इस पन्ने पर
प्रमाणित असर — आधुनिक अध्ययनों में दर्ज़ असर या दवा-प्रतिक्रिया।
परंपरागत सावधानी — शास्त्रों व परंपरा में वर्जित, आधुनिक प्रमाण सीमित।

इन्हें भी देखें