घाव प्रोटीन से भरते हैं — मूंग, पनीर, दूध; विटामिन-C फल नित्य।
परंपरागत
शहद · Honey
साफ उथले घाव पर घृत-मधु ड्रेसिंग (नर्स-निर्देशन में) — सुश्रुत की व्रण-परंपरा।
परंपरागत
दूध · Milk
दिन में दो बार एक गिलास दूध — प्रोटीन के बिना दबाव का घाव भरता ही नहीं, और बिस्तर पर पड़े व्यक्ति को सबसे सहज यही दिया जा सकता है। फिर भी सबसे बड़ा काम हर दो घंटे करवट बदलना ही करता है।
परंपरागत
मूँग दाल · Moong dal
दिन में दो बार पतली मूँग दाल का सूप — कमज़ोर पाचन भी इसे स्वीकार कर लेता है, और भरती त्वचा प्रोटीन पर ही चलती है।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
पीठ को रोज़ हवा-धूप; दबाव घटाने वाला गद्दा-कुशन।
क्या खाएँ
मूँग दाल · Moong dalशहद · Honeyदूध · Milk
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।