अस्थि-भंग (भग्न) — सुश्रुत-वर्णित। पहले एक्स-रे व प्लास्टर, फिर जोड़ने वाला आहार।
घरेलू उपाय
मुख्य उपाय
पहले डॉक्टर से एक्स-रे और प्लास्टर/खपच्ची — सदैव। उसके बाद सुश्रुत की भग्न-चिकित्सा: अंग को पूर्ण विश्राम, दूध-घी-तिल का आहार, जुड़ने तक कोई भार नहीं; वैद्य की देखरेख में हड़जोड़ (अस्थिसंहारक) जुड़ाव तेज़ करता है।
दूध में चुटकी हल्दी व 2-3 भीगे बादाम नित्य — जुड़ती हड्डी के लिए कैल्शियम-प्रोटीन। सुश्रुत का भग्न-पथ्य: दूध, घृत, यूष (सूप)।
परंपरागत
तिल · Sesame
तिल — हड्डी का शास्त्रीय अन्न: 1 चम्मच नित्य, शीत में तिल-गुड़।
परंपरागत
घी · Cow Ghee
दिन में दो बार 1 चम्मच घी गर्म दूध में — जुड़ती हड्डी को कैल्शियम व विटामिन-डी सोखने के लिए वसा चाहिए, वह इससे मिलती है। जोड़ने का काम प्लास्टर व एक्स-रे जाँच का है।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
बताए अनुसार अंग स्थिर रखें; बाकी जोड़ हल्के चलाएँ; विटामिन-D हेतु धूप।