मौसमी: मौसमी का रस विटामिन-सी व फोलेट देता है, जिनसे त्वचा अपनी मरम्मत करती है, और कमज़ोर भूख में भी सहज है। यह रक्त को शुद्ध नहीं करता — वह काम गुर्दे व यकृत का है। और बाहर से: फोड़े-फुंसी व खुजली पर नीम के पत्तों का लेप, बीस मिनट बाद धो लें — भीतर का उपाय अकेला त्वचा पर दिखने वाली बात नहीं सँभालता।
मौसमी का रस विटामिन-सी व फोलेट देता है, जिनसे त्वचा अपनी मरम्मत करती है, और कमज़ोर भूख में भी सहज है। यह रक्त को शुद्ध नहीं करता — वह काम गुर्दे व यकृत का है।
परंपरागत
नींबू · Lemon
एक गिलास गुनगुने पानी में एक नींबू निचोड़कर दिन में तीन बार पिएँ — विटामिन-सी त्वचा व यकृत को अपना काम करने में सहायता देता है, और कब्ज़ में आराम मिलता है, जो प्रायः त्वचा पर ही दिखती है। यह रक्त को शुद्ध नहीं करता: वह काम गुर्दे व यकृत का है, जिनकी जगह कोई आहार नहीं ले सकता।
परंपरागत
बेरीज़ · Berries
मौसमी बेर व शहतूत — इनके रंग-द्रव्य प्रति-ऑक्सीकारक हैं, और लाभ त्वचा पर दिखता है। ये रक्त को शुद्ध नहीं करते — खाई हुई कोई चीज़ नहीं करती।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
नित्य सूर्य व वायु-स्नान; सप्ताह में दो बार भाप-स्नान — त्वचा से निष्कासन हेतु।