चौथाई कप जामुन का रस एक गिलास गन्ने के रस में मिलाकर नित्य तीन बार पीने से पीलिया ठीक हो जाता है। जामुन का सिरका भी यकृत को शक्ति देता है।
परंपरागत
नींबू · Lemon
मूली (पत्तों सहित) के रस में नींबू रस व थोड़ी चीनी मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय पिएँ — पीलिया में लाभ होता है।
परंपरागत
मकोय (काकमाची) · Black nightshade
मकोय पत्र का रस प्रातः, चिकित्सक की निगरानी में।
परंपरागत
कासनी · Chicory
कासनी का काढ़ा दिन में दो बार, चिकित्सक की सलाह से।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
पूर्ण विश्राम व वसा पूर्णतः बंद। यकृत पर दिन में दो बार ठंडी पट्टी।
गन्ने का रस व पर्याप्त जल; आँखों पर तेज़ धूप न पड़े।
शास्त्रीय औषधि
आरोग्यवर्धिनी वटी · Arogyavardhini Vati
मात्रा: 1–2 tablets (250 mg) · Warm water before food
यकृत की सुस्ती, यकृत-मेदोवृद्धि, पीलिया के बाद, स्थौल्य, पुराने त्वचा-रोग, अरुचि।
महासुदर्शन चूर्ण · Mahasudarshan Churna
मात्रा: 1–3 g · Warm water or honey, twice daily
कोई भी न उतरने वाला ज्वर — मलेरिया, मोतीझरा, विषम ज्वर, यकृत-युक्त ज्वर, ज्वर में अरुचि।