हल्दी में कुछ बूँद गर्म पानी मिलाकर गाढ़ा लेप, फोड़े पर व उसके चारों ओर एक अँगुल तक, ढँककर, दिन में दो बार बदलें। यह फोड़े को पकाता है।
परंपरागत
सावधानीरसोई में डाली जाने वाली मात्रा सुरक्षित है। गोली या सत्व के रूप में ज़्यादा मात्रा ख़ून पतला करने वाली दवाओं के साथ नहीं। पित्ताशय में पथरी हो तो ज़्यादा मात्रा से बचें। सर्जरी से पहले बंद करें।
नीम · Neem
4-5 कोमल नीम पत्तियाँ खाली पेट चबाएँ, या पत्तियों का काढ़ा बनाकर प्रभावित त्वचा धोएँ।
परंपरागत
सावधानीगर्भावस्था में और गर्भधारण की कोशिश में नीम खाना नहीं। छोटे बच्चों को नीम का तेल भीतर कभी नहीं।
शहद · Honey
फूट जाने के बाद पट्टी पर शहद घाव को नम व साफ़ रखता है। रसोई का शहद रोगाणुरहित नहीं — सिक्के से बड़े फोड़े पर उचित पट्टी ही कराएँ।
परंपरागत
सावधानीएक साल से छोटे बच्चे को शहद कभी नहीं — बोटुलिज़्म का ख़तरा। यह नियम बिना अपवाद है।
घी · Ghee
भरने तक भोजन में एक चम्मच। बिना फूटे फोड़े को घी से बंद न करें — जो निकलना है वह भीतर रुक जाता है।
परंपरागत
आलू · Potatoes
कच्चा आलू कसकर फोड़े पर लेप करें, दिन में दो बार बदलें। मवाद खींचकर सिर बनाता है।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
सिर बनाने हेतु गर्म सेंक; दबाएँ या फोड़ें नहीं।
आस-पास मिट्टी की पट्टी; रक्त-शुद्धि हेतु साप्ताहिक फल-उपवास।