केवल मस्से पर गाढ़ा हल्दी लेप, रात को पट्टी से ढँककर, सुबह धो लें। हफ़्तों लगते हैं, दिन नहीं — और जो तिल आकार या रंग बदल रहा हो उस पर कभी नहीं।
परंपरागत
सावधानीरसोई में डाली जाने वाली मात्रा सुरक्षित है। गोली या सत्व के रूप में ज़्यादा मात्रा ख़ून पतला करने वाली दवाओं के साथ नहीं। पित्ताशय में पथरी हो तो ज़्यादा मात्रा से बचें। सर्जरी से पहले बंद करें।
नीम · Neem
4-5 कोमल नीम पत्तियाँ खाली पेट चबाएँ, या पत्तियों का काढ़ा बनाकर प्रभावित त्वचा धोएँ।
परंपरागत
सावधानीगर्भावस्था में और गर्भधारण की कोशिश में नीम खाना नहीं। छोटे बच्चों को नीम का तेल भीतर कभी नहीं।
नींबू · Lemon
नींबू रस की एक बूँद केवल मस्से पर; आसपास की त्वचा पर घी लगाकर उसे बचाएँ। चेहरे पर नहीं, आँख के पास नहीं।
परंपरागत
घी · Ghee
यहाँ घी उपचार नहीं, रक्षा है — तीखी चीज़ों से स्वस्थ त्वचा को बचाने के लिए मस्से के चारों ओर लगता है।
परंपरागत
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
सूखा व हवादार रखें; काटें या नोचें नहीं।
नित्य धूप; ठंडी रगड़-स्नान से प्रतिरोध बढ़ाएँ।
क्या खाएँ
हल्दी · Turmericनीम · Neemनींबू · Lemonघी · Ghee
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।