पहले ठंडा, बाद में गर्म: पहले दिन कपड़े में लिपटी बर्फ़ की दस मिनट सिकाई नील फैलने से रोकती है; अगले दिन से गर्म सिकाई नील जल्दी मिटाती है। रात को हल्दी-दूध भीतर से भरता है। ताज़ा नील कभी न मलें।
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
क्या खाएँ
पहले ठंडी पट्टी · Cold compress firstहल्दी वाला दूध · Haldi milkअगले दिन गर्म सेक · Warm compress the next day
क्या घटाएँ
ताज़े नील की मालिश · Massaging a fresh bruise
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।