अन्य नाम: anal fissure · गुदा चीर · परिकर्तिका · parikartika · मलद्वार में दरार
घरेलू उपाय
मुख्य उपाय
रात्रि में एक चम्मच घी गर्म दूध के साथ; घी स्थानिक रूप से लगाएँ। सोते समय दो चम्मच इसबगोल भूसी गुनगुने पानी के साथ — मल का मुलायम रहना ही अधिकांश इलाज है, क्योंकि कड़े मल से दरार हर बार फिर फट जाती है। हर बार शौच के बाद दस मिनट गुनगुने पानी के टब में बैठें: इसी से वह ऐंठन ढीली होती है जिससे दर्द होता है। एलोवेरा जेल दिन में दो बार लगाएँ।
रात्रि में एक चम्मच घी गर्म दूध के साथ; घी स्थानिक रूप से लगाएँ।
परंपरागत
इसबगोल · Ispaghul
सोते समय दो चम्मच इसबगोल भूसी गुनगुने पानी के साथ — मल का मुलायम रहना ही अधिकांश इलाज है, क्योंकि कड़े मल से दरार हर बार फिर फट जाती है। हर बार शौच के बाद दस मिनट गुनगुने पानी के टब में बैठें: इसी से वह ऐंठन ढीली होती है जिससे दर्द होता है।
परंपरागत
एलोवेरा · Aloe vera
एलोवेरा जेल दिन में दो बार लगाएँ।
परंपरागत
सावधानीपीने के लिए गर्भावस्था में नहीं — यह तेज़ जुलाब है और बच्चेदानी को उकसाता है। त्वचा पर लगाना अलग बात है।
इस पन्ने पर प्रमाणित — इस तकलीफ़ में इस चीज़ पर मनुष्यों पर हुए अध्ययन मौजूद हैं। परंपरागत — परंपरा और अनुभव से चला आ रहा — इस तकलीफ़ के लिए आधुनिक प्रमाण सीमित हैं।
यह सब दूसरों के अनुभव, परंपरा और अब तक हुए अध्ययनों का संग्रह है — किसी एक व्यक्ति के लिए दी गई सलाह नहीं। अपने खानपान में कोई भी बदलाव करने से पहले, और ख़ासकर तब जब आप कोई दवा ले रहे हों, अपने आहार विशेषज्ञ या डॉक्टर से पूछ लें।
प्राकृतिक चिकित्सा
दिन में दो बार पंद्रह मिनट गर्म कटि-स्नान — सर्वाधिक प्रभावी उपाय।
ज़ोर न लगाएँ; पहले कब्ज़ का उपचार करें।
शास्त्रीय औषधि
त्रिफला गुग्गुलु · Triphala Guggulu
मात्रा: 2–4 tablets (500 mg) · Warm water at bedtime
अर्श, भगंदर, परिकर्तिका, कब्ज़ के साथ स्थौल्य, मेद-चयापचय की सुस्ती, न भरने वाले घाव।
अभयारिष्ट · Abhayarishta
मात्रा: 15–30 ml · Equal warm water at bedtime
आदतन कब्ज़, कब्ज़ के साथ अर्श, वायु, अपूर्ण मल-त्याग, भोजन के बाद भारीपन।
क्या खाएँ
घी · Gheeइसबगोल · Ispaghulएलोवेरा · Aloe vera
अपनी रसोई की चीज़ें चुनकर देखें कौन-सा उपाय आपके लिए सही है।